बाज और पेंगुइन | Moral Giving Hindi Stories

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Eagle and Penguin

समुद्र के किनारे खड़े एक पेंगुइन ने जब ऊँचे आसमान में उड़ते बाज को देखा तो सोचने लगा-

“बाज भी क्या पक्षी है…कितने शान से खुले आकाश में घूमता है…और एक मैं हूँ जो चाहे जितना भी पंख फड़-फड़ा लूँ ज़मीन से एक इंच ऊपर भी नहीं उठ पाता…”

 और ऐसा सोच कर वह कुछ उदास हो गया.

ठीक इसी पल बाज ने भी पेंगुइन को नीचे समुद्र में तैरते हुए देखा…और सोचने लगा, “ये पेंगुइन भी क्या कमाल का पक्षी है… जो धरती की सैर भी करता है और समुद्र की गहराइयों में गोता भी लगाता है… और यहाँ मैं…बस यूँही इधर-उधर उड़ता फिरता हूँ!”

जानते हैं इसके बाद क्या हुआ?

कुछ नहीं… बाज आकाश की ऊँचाइयों में खो गया और पेंगुइन समद्र की गहराइयों में… दोनों अपनी मन में आये नेगेटिव थॉट्स को भूल गए और बिना समय गँवाए भगवान की दी हुई उस ताकत को… उस शक्ति को प्रयोग करने लगे जिसके साथ वो पैदा हुए थे.

सोचिये अगर वो बाज और पेंगुइन बाज और पेंगुइन न होकर इंसान होते तो क्या होता?

बाज यही सोच-सोच कर परेशान होता कि वो पानी के अन्दर तैर नहीं सकता और पेंगुइन दिन-रात बस यही सोचता कि काश वो आकाश में उड़ पाता… और इस चक्कर में वे दोनों ही अपनी-अपनी existing strengths या skills सही ढंग से use नहीं कर पाते.

काश हम इंसान भी इन पक्षियों से सीख पाते कि ईश्वर ने हर किसी के अन्दर अलग-अलग गुण दिए हैं… हर किसी ने अलग-अलग क्षमताओं के साथ जन्म लिया है और हर इंसान किसी दुसरे इंसान से किसी ना किसी रूप में बेहतर है. But unfortunately, बहुत से लोगों का ध्यान अपनी competencies की बजाय दूसरों की achievements पर ही लगा रहता है, जिसे देखकर वे जलते हैं और अपनी energy गलत जगह लगाते हैं.

आप क्या करते हैं?

क्या आपको पता है कि आपके अन्दर सबसे अच्छी बात क्या है? क्या आपने कभी कोशिश की है उस strength को जानने और निखारने की जिसके साथ ईश्वर ने आपको भेजा है?

अगर नहीं की है तो करिए, उस gifted skill… उस strength को समझिये…अपनी ताकत को पहचानिए और उसे अपनी मेहनत से इतना निखारिये कि औरों की नज़र में आप एक achiever बन पाएं या नहीं लेकिन अपनी और उस ऊपर वाले की नज़र में आप एक champion ज़रूर बन जाएं!

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