मुद्दत से ख्वाब- Hindi Shayari

Spread the love

मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल,
हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है। 😢

दिल जलाओ या दिए आँखों के दरवाज़े पर,
वक़्त से पहले तो आते नहीं आने वाले। 😭 💔

मेरे इश्क से मिली है तेरे हुस्न को यह शौहरत,
तेरा जिकर ही कहां था मेरी दास्तां से पहलें।

खामोशी को चुना है अब बाकी के सफर के लिए,
अब अल्फाजो को जाया करना, हमे अच्छा नहीं लगता।

जख्म ही देना था तो पूरा जिस्म तेरे हवाले था,
लेकिन कम्बख़त ने जब भी वार किया दिल पर ही किया। 💔 😔

अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदें भी रूठ गयी,
गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सुकून से सोया करते थे। 😔

टूट कर बिखर जाते हैं वो लोग मिटटी की दीवारों की तरह
जो खुद से भी ज्यादा किसी और से प्यार करते हैं। 💔 😒

किसी को न पाने से ज़िंदगी खत्म नहीं हो जाती,
पर किसी को पाकर खो देने के बाद कुछ बाकी भी नहीं बचता। 😢

उसकी बेवफ़ाई पर ही फिदा था दिल अपना,
खुदा जाने उसमें वफ़ा होती तो क्या होता।

ये वफ़ा तो उस वक्त की बात है ऐ फ़राज़,
जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे। 💔 😢

सौ बार कहा दिल से चल भुल भी जा उसको,
सौ बार कहा दिल ने तुम दिल से नही कहते।

मैं रोज़ लफ़्ज़ों में बयान करता हूँ अपना दर्द,
और सब लोग सिर्फ़ वाह वाह कह कर चले जाते है। 💔

हजारो अश्क थे मेरी आँखों की हिरासत में,
किसीकी याद आई और इनको जमानत मिल गयी।

काश मेरे लफ़्ज़ उसके दिल पर असर करें,
वो मेरे करीब आ कर कहें चलो जिंदगी बसर करें।

अब उसे ना सोचूं तो जिस्म टूटने लगता है,
एक वक्त गुजरा है उसके नाम का नशा करते करते।

About The Author

Add Comment