“सच्चे प्यार की अधुरी कहानी”

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Sacche Pyar Ki Adhuri Kahani

Sacche Pyar Ki Adhuri Kahani

कहानी की शुरुवात होती है आरव के बचपन से, आरव और राज बचपन से ही बहुत अच्छे मित्र थे वो आपस में हर बात शेयर किया करते थे, चाहे वो अच्छी बात हो या बुरी, आरव और राज एक ही स्कूल में पढ़ते थे, उसी स्कूल में इलिशा भी पढ़ती थी, राज और इलिशा के पापा एक ही कंपनी में कार्यरत थे, तो राज के घर पर इलिशा का आना जाना लगा रहता था |

इस तरह राज इलिशा को जानता था, एक दिन स्कूल में राज ने इलिशा का आरव से परिचय करवाया, जिससे आरव और इलिशा की दोस्ती की शुरुवात हुई| राज, इलिशा और आरव तीनो काफी अच्छे दोस्त बन गए, आरव इलिशा को पसंद करता है ये बात आरव ने राज को तब बताई जब वो “12th Class” में था लेकिन आरव ने ये बात इलिशा को नहीं बताई, लेकिन आरव के दिल की बात राज जान ही गया था और वह बहुत खुश भी था और थोड़ा परेशान भी, परेशान इसलिए क्योकि आरव और इलिशा अलग अलग Cast के थे |

“दोस्ती में ना कोई वार, ना कोई दिन होता हैं,

ये तो वो एहसास है जिसमे बस यार होता हैं|”

तीनो इतने अच्छे दोस्त थे की लोग इन तीनो की दोस्ती की मिसाल देने लगे थे, अब वो दिन आया जब तीनो स्कूल से निकल के कॉलेज में प्रवेश करने वाले थे तो आरव ने स्कूल के आखरी दिन इलिशा से अपने दिल की बात कहि लेकिन आरव को निराशा हाथ लगी क्योकि आरव की बात सुन के वो वहा से चली गई और कुछ देर बाद आरव भी वहा से चला गया |

शाम को राज, आरव से मिला, उस समय आरव बहुत परेशान था तब राज ने आरव से पूछा की क्या हुआ है, आरव ने राज को पूरी बात बताई, राज को पता था की आरव इलिशा से सच्चा प्यार करता है, राज आरव से कहता है कोई बात नहीं मैं इलिशा से बात करूँगा | तभी राज के पास इलिशा की कॉल आई, इलिशा ने राज से सिर्फ एक बात पूछी की क्या ये बात तुम्हे पहले से पता थी की आरव मुझसे प्यार करता है, उसने कहा “हाँ” पता थी, अगले दिन इलिशा राज से मिली और उससे बताया की वो भी आरव से प्यार करती है लेकिन डरती है उससे दूर जाने से फिर राज इलिशा को आरव के पास ले गया और उसे सारी बात बता दी| यहाँ से आरव, इलिशा की प्रेम कहानी शुरू हुई |

“वोह बोले महोब्बत का समुंदर बहोत गहरा होता है,

हमने भी कह दिया की डूबने वाले सोचा नहीं करते |”

आरव और इलिशा काफी समय साथ में बिताने लगे और कई कई घंटे वो आपस में बात करते मस्ती करते और घुमा फिरा करते थे राज इन दोनों का आपस में प्यार देख बहुत खुश था | आरव ने अपने और इलिशा के बारे में अपनी मां से बता दिया लेकिन अपने पापा को नहीं बताया, आरव को पता था की इलीशा और उसकी “Cast” अलग होने की वजह से उनके प्यार में काफी दिक्कते आ सकती है|

आरव और इलीशा के प्यार में पहेली दिक्कत उस दिन आई जिस दिन राज का जन्मदिन था उस दिन तीनो बहुत खुश थे लेकिन ये ख़ुशी उनके चेहरों पर ज्यादा देर तक नहीं ठीकी क्योकि जब वो आपस में बात कर रहे थे तभी इलिशा के पास उसके घर से कॉल आई और वो वह से बिना कुछ बताये ही चली गई और उसके दो, तीन दिन तक इलीशा ने आरव से बात नहीं की जिसके कारण आरव परेशान था और जब वह आरव से मिली तब भी उसने आरव से कुछ नहीं बताया लेकिन आरव के बार बार पूछने पर इलिशा ने बताया की उसके पापा ने उसकी शादी उनके एक अच्छे दोस्त के लड़के के साथ तय कर दी ये बात सुन के आरव बिना कुछ कहे वहा से चला गया|

“खुदा करे, सलामत रहें दोनों हमेशा.

एक तुम और दूसरा मुस्कुराना तुम्हारा..”

इलिशा जानती थी की ये बात सुन के आरव का दिल टूट जायेगा इसलिए उसने तुरंत ही राज को कॉल करके अपनी शादी के बारे में बताया और रोते रोते कहा की प्लीज तुम मेरे आरव का ख्याल रखना क्योकि वह मेरी वजह से बहुत परेशान होगा और उसने ये भी बताया की वो अपने पापा के खिलाफ नहीं जा सकती क्योकि उसके पापा दिल के मरीज है, ये बात आरव भी जनता है इसीलिए वो यहाँ से बिना कुछ कहे ही चला गया, राज इलिशा से कुछ कहे पाता उससे पहले ही इलिशा ने रोते रोते ही कॉल काट दी|

राज उसी समय आरव के घर गया और उसने ये बात उसकी मां और पापा से बता दी, पहले तो आरव के पापा बहुत गुस्सा हुए लेकिन कुछ दिनों बाद उनका गुस्सा शांत हो गया क्योकि आरव चुप चाप सा रहने लगा था वो न अब किसी से बात करता था, यहाँ तक की राज से भी नहीं | राज के कहने पर और आरव की ऐसी हालत देख आरव के पिता ने कहा की वो इलिशा के घर जाके दोनों की शादी के बारे में बात करेंगे ये बात सुन के राज बहुत खुश हुआ |

“जहा मोहब्बत छूट जाये…

वहा दोस्ती सहारा बनती है”

लेकिन ये खुशी भी ज्यादा देर नहीं टीकी क्योकि जब आरव के पिता ने इलिशा के पापा से बात की तो उन्होंने ये कहा की अब तो बहुत देर हो चुकी है, शादी के कार्ड बट चुके है, इसलिए अब कुछ नहीं हो सकता अगर ये बात आपने या इलिशा आरव ने पहले बताई होती तो इन कार्डो पर इन दोनों का ही नाम होता लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता |

आरव ये बात सुन के “Depression” में चला गया और उसका स्वास्थ लगातार बिगड़ता चला गया जिसे देख के राज और आरव के माँ, पापा बहुत दुखी थे, कुछ दिनों बाद आरव के स्वास्थ में सुधार हुआ और वो घर आ गया | लेकिन अब आरव पहले वाला आरव नहीं रहा, कुछ दिन बाद जब राज, आरव से मिलने उसके घर आया तो आरव की मां ने कहा की आरव अपने कमरे में “Sad Songs” सुन रहा है उन्होंने बताया की वो अपने कानो से “Headphone” एक पल के लिए भी नहीं निकलता अगर कोई उसे निकालने की कोशिश करता है तो वो पागलो की तरह चिल्लाने लगता है|

राज, आरव के सामने जाकर बोलता है और आरव कैसा है तू लेकिन आरव राज को पहचान भी नहीं पाता है, राज बहुत कोशिश करता है आरव से बात करने की लेकिन ना तो आरव, राज को पहचानता है और न ही बात करता है आरव की ऐसी हालत देख के राज बहुत जोर जोर से रोने लगता है और कहता है ये इंसान मेरा आरव नहीं हो सकता मेरा आरव तो मेरे बिना कहि घूमने भी नहीं जाता था और आज वही मुझे पहचान भी नहीं रहा है, मेरा आरव तो मुझे रोता देख कर मुझे जोर से गले लगा लेता था, राज जोर २ से रोये जा रहा था इसी उम्मीद में की उसका आरव उठेगा और उसे गले लगा लेगा लेकिन वो नहीं उठा, जैसे उसे उसकी कोई परवाह ही ना हो, राज अपने दोस्त आरव को खो चुका था और जो आरव उसके सामने बैठा था वो कोई और ही था |

“कभी कभी पहली नजर कुछ ऐसे रिश्ते बना लेती है,

जो आखिरी सासँ तक छुड़ाने से नहीं छूटती।”

आप लोगो को क्या लगता है अगर इलीशा और आरव अपने प्यार की बात पहले ही सबको बता देते तो आरव की ऐसी हालत होती ????

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